छत्तीसगढ़ बस्तर के सुकमा जिले के एक आदिवासी की हत्या मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुन्दर समेत 6 लोगों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है.

सुकमा /नई दिल्ली 13 फरवरी ! छत्तीसगढ़ बस्तर के   सुकमा  जिले  के एक आदिवासी की हत्या मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुन्दर समेत 6 लोगों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है. इन 6 लोगों में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद और सीपीएम नेता संजय पराटे भी शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक आदिवासी की हत्या के मामले में की   जांच के दौरान पुलिस को   इन 6 लोगों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस ने कहा  कि इस मामले में कोर्ट में अभी तक चार्जशीट दाखिल  नहीं की गई है!

दरअसल अज्ञात माओवादियों ने नामापारा गांव के सोमनाथ की हत्या  की थी! तोंगपाल थाने में 4 नवंबर 2016 को  हत्या का  मामला दर्ज हुआ था!  इसी मामले में प्रो. नंदिनी सुंदर और 5 अन्य लोगों का नाम भी आरोपियों में शामिल किया गया था. सभी लोगों पर हत्या समेत अन्य मामलों में FIR दर्ज की गई थी!

इस मामले में नवंबर 2016 में ग्रामीणों की शिकायत पर नंदिनी सुंदर और अर्चना प्रसाद के खिलाफ भादवि की धारा 302, 120 बी, 147, 148, 149, 352 तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत तोंगपाल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में दो साल बाद अब पुलिस चार्जशीट फाइल करने की तैयारी कर रही है.

सुकमा एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान 6 लोगों के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं. इसलिए उनका नाम चार्जशीट से हटा दिया गया है!

 पुलिस से क्लीन चीट मिलने के बाद सभी 6 लोगों ने एक संयुक्त ब्यान  में कहा, ' हमें खुशी है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने सोमनाथ बघेल की हत्या की चार्जशीट से हमारे नाम हटा दिए हैं. हम आशा करते हैं कि कई सैकड़ों बेकसूर  आदिवासी जेल में बंद हैं, उन्हें भी जल्द ही न्याय मिलना चाहिए! 


You may also like

Facebook Conversations