दोरनापाल के किस्टाराम इलाके में पलोड़ी सीआरपीएफ कैम्प के ऊपर तीन रातों से घूम रही रौशनी ने सुरक्षा एजेंसियो के कान खड़े कर दिए है;
जवान कन्फर्म नहीं कर पा रहे है कि आखिर रौशनी किस चीज की है।इस खबर से जवान सकते में है ।

सीआरपीएफ कैम्प पर चक्क्र लगा रहे ड्रोन जैसे उपकरण लाइट तो जल रही है पर आवाज नहीं आ रही है

सीआरपीएफ कैम्प पर चक्क्र लगा रहे ड्रोन जैसे उपकरण लाइट तो जल रही है पर आवाज नहीं आ रही है

दोरनापाल । दोरनापाल के किस्टाराम इलाके में पलोड़ी सीआरपीएफ कैम्प के ऊपर तीन रातों से घूम रही रौशनी ने सुरक्षा एजेंसियो के कान खड़े कर दिए है। जवान कन्फर्म नहीं कर पा रहे है कि आखिर रौशनी किस चीज की है।इस खबर से जवान सकते में है । अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः नक्सलियों द्वारा ड्रोन जैसे किसी ख़ास उपकरण से सुरक्षा बलों पर नजर रखी जा रही है।सीआरपीएफ कैम्प पर चक्क्र लगा रहे ड्रोन जैसे उपकरण लाइट तो जल रही है पर आवाज नहीं आ रही है  । 

सुकमा जिले का किस्टाराम थाना क्षेत्र का पलोड़ी का इलाका नक्सली प्रभाव वाला माना जाता है ।  यहाँ पर शीर्ष कमांडर हिड़मा का भी कई बार लोकेशन सुरक्षा बलों को मिलता रहा है । ऐसे में नक्सलियों के प्रभाव वाले इस इलाके में आम लोगो द्वारा खिलौना जैसा ड्रोन का उपयोग करना संभव नहीं है । 

अँधेरा होते ही बुधवार रात को करीब आठ बजे कैम्प के ऊपर घूम  रही रौशनी सबसे पहले पलोड़ी कैम्प के ऊपर  देखे जाने की खबर है । वही तीन रातों तक यह रौशनी अलग-अलग समय पर कैम्प के ऊपर घूमती दिख रही है । 


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