छत्तीसगढ सरकार ने दिसंबर 2018 में किसानों की क़र्ज़ माफी का वादा किया था लेकिन यह वादा झूठा साबित हुआ; किसानों का आरोप है कि न केवल उनसे पिछले क़र्ज़ की वसूली हुई बल्कि सरकार ने ब्याज भी वसूला;

14 अक्टूबर को राजनांदगांव में किसान बड़े प्रदर्शन की तैयारी में

14 अक्टूबर को  राजनांदगांव में किसान बड़े प्रदर्शन की तैयारी में

 रायपुर/ राजनांदगांव, 13 अक्टूबर 2019 । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर किसान बड़े आंदोलन की तैयारी में है।  छत्तीसगढ की भूपेश बघेल  सरकार ने दिसंबर 2018 में किसानों की क़र्ज़ माफी का वादा किया था लेकिन यह वादा झूठा साबित हुआ। किसानों का आरोप है कि न केवल उनसे पिछले क़र्ज़ की वसूली हुई बल्कि सरकार ने ब्याज भी वसूला। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा सरकार गठन के लिए वोट मांगने के दौरान किसानों से जो वादा किया गया था उसे पूर्ण करने की किसान मांग कर रहे हैं। सम्पूर्ण कर्ज माफी, फसल नुकसान मुआवजा और दो सालों के बोनस की मांग पर आवाज को बुलंद करने हेतु  अब 14 अक्टूबर को किसान बड़े प्रदर्शन की तैयारी में हैं। राजनांदगांव में किसान संघ के बैनर तले  होनेवाला किसानों का यह प्रदेशव्यापी  प्रदर्शन का नेतृत्व सुदेश टीकम और मोतीलाल सिन्हा कर रहे हैं जिसका नाम "तगादा रैली"  रखा गया है। 

प्रदेश के सभी किसानों को उम्मीद थी कि किसानो का पूरा कर्ज माफ़ होगा। जब किसान द्वारा लिंकिंग में धान बेचकर कर्ज जमा की गई रकम को सरकार ने वापस किया एवं आगे कर्ज की वसूली बंद की तब सभी किसान खुश हो गए। लेकिन जब खेती का समय आया और किसानों ने खाद -बीज के लिए सोसायटी पहुंचे तो 2017 का कर्ज ब्याज सहित जमा करने पर ही खाद बीज और कर्ज देने की बात कही गई। विवश किसानो ने कही से व्यवस्था कर 2017 का कर्ज ब्याज सहित जमा किया, और जो किसान ऐसा नहीं कर सके उन्हें आज भी खाद बीज से वंचित रखा गया।

किसानो ने बताया कि आधी -अधूरी कर्ज माफ़ी का पीड़ा है तो दूसरी ओर अनियमित वर्षा के चलते फसल नुकसान की पीड़ा । विलंब से वर्षा ने काफी बड़े क्षेत्रों में कहर ढाया है। इन परिस्थितियों में आज सरकार को किसान के साथ खड़े होने की जरूरत है।और अपने चुनावी वायदों के अनुरूप सभी बैंकों के सभी किसानों का का कर्ज माफ़ करना चाहिए। जिन किसानो से वसूली कर ली गई उसे वापस करें।  जो साल 2017 का कर्ज जमा नहीं करने के कारण सुविधाओं से वंचित है, उन्हें कर्ज माफ़ी का तत्काल सुविधा देना चाहिए।

मौसम की मार झेल रहे किसानों को तत्काल किसानो को मुवाअजा दिया जान चाहिए। आज किसान आर्थिक संकट में है । ऐसे समय में दो सालो का बोनस भुगतान कर सरकार को किसानो को राहत देने के साथ चुनावी वायदा भी पूरा करना चाहिए।


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