ब्यूरो रिपोर्ट। आज 21वीं सदी में जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है और जब इंटरनेट के माध्यम से सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) ने आज विश्व में एक क्रांति ला दी है । घरेलू उपभोक्ता, विद्यार्थी तथा स्कूली बच्चे इंटरनेट का प्रयोग अपने ज्ञान के क्षेत्र का विस्तार करने, अपना परिचय तैयार करने तथा […]

ब्यूरो रिपोर्ट। आज 21वीं सदी में जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है और जब इंटरनेट के माध्यम से सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) ने आज विश्व में एक क्रांति ला दी है । घरेलू उपभोक्ता, विद्यार्थी तथा स्कूली बच्चे इंटरनेट का प्रयोग अपने ज्ञान के क्षेत्र का विस्तार करने, अपना परिचय तैयार करने तथा समाज का एक हिस्सा बनने के लिए कर रहे हैं। बैंक से लेकर तमाम चीजें ऑनलाइन होती चली जा रही है। ऐसे समय में जहां इंटरनेट और मोबाइल क्रांति ने एक तरफ हमारी जिंदगी आसान की है तो दूसरी तरफ कई मुश्किलें भी पैदा की है। इंटरनेट ऑनलाइन में चंद सेकेंडों का क्लिक हमें एक तरफ हजार सूचनाएं को आसानी से मुहैया कराता है, तो वहीं हजारों किलो मीटर दूर दुनिया के दूसरे छोर में बैठे किसी अनजान शख्स या संगठन तक हमारी सारी निजी जानकारी पहुंच जाती है । ऐसी स्थिति में संभावित खतरों को भांपकर कठोर पहल किए जाने की जरूरत है क्योंकि ऑनलाइन का दायरा जिस कदर बढ़ा है उसी तरीके से धोखाधड़ी और साइबर अपराधों में भी बेतहाशा इजाफा हुआ है। इंटरनेट के बढ़ते यूजर्स और ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखकर वहां अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। ई-माध्यम से मोबाइल या डेस्कटॉप पर शातिर साइबर अपराधी लोगों को इनाम और पुरस्कार का प्रलोभन देते हैं। इसके लालच में आने वालों से वे अपने खाते में ऑन लाइन पेमेंट जमा कराने को कहते हैं। लोग जब तक कुछ समझ पाते हैं साइबर अपराधी उन्हें ठग चुके होते हैं। वहीं हैकर्स आपकोे मोबाइल नंबर का यूज करके किसी को भी कॉल कर सकते हैं और आपको जानकारी तक नहीं होगी। वर्तमान समय में जब देश सूचना तकनीकि और इंटरनेट के सहारे कैशलेस इकॅानमी और ऑनलाइन लेनदेन की तरफ अपने कदम बढ़ा रहा है तब साइबर सुरक्षा और इसकी कमजोरियों पर चर्चा आवश्यक हो जाती है।

21वीं सदी की इस इंटरनेट क्रांति और सोशल मीडिया दूनिया में यह जानना हम सभी के लिए बहुत जरूरी हो गया है कि इंटरनेट उपयोग के दौरान क्या सावधानी रखें, ऑनलाइन और सोशल मीडिया के उपयोग के दौरान क्या करें और क्या न करें । इंटरनेट जागरूकता के जरिए ही साइबर क्राइम से बचा जा सकता है। इस बात को ध्यान रखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा जागरुकता अभियान को इंटरनेट गुरु गूगल (google.com) ने एक मुहिम बना कर इंटरनेट सुरक्षा केंद्र बना कर इसे अंजाम तक पहुंचाना शुरु किया है। इंटरनेट जागरुकता, सोशल मीडिया और ऑनलाइन मोबाइल शॉपिंग के दौरान सावधानिया, आवश्यक और जरुरी जानकारी गूगल डॉट कॉम ने गूगल सुरक्षा केंद्र के अपने वेब पेज पर जारी की हैं उनमें से कुछ को संक्षिप्त रुप में हम नीचे वेब लिंक के जरिये आपसे साझा कर रहे हैं-

* –वेब को सभी के लिए सुरक्षित रखना एक साझा ज़िम्मेदारी है. जानें कि आप स्वयं को और अपने परिवार को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए क्या कर सकते हैं– ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए मिलकर कैसे करें कार्य करना –
ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए मिलकर कार्य करना

* – सभी के लिए –अपने निजी डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता प्रबंधित करने में आपकी सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए Google सुरक्षा टूल के बारे में जानें.

— आपकी गोपनीयता और सुरक्षा प्रबंधित करें

— साइबर – अपराध रोकें

*- अपने परिवार के लिए अनुकूल सुरक्षा विकल्प बनाएं –
— आरंभ करें
— विश्वास के साथ एक्सपलोर करें– 
— अपनी ऑनलाइन ख्याति प्रबंधितर करें

*-सुरक्षा टूल– उपयोग में आसान सुरक्षा टूल का पता लगाएं

* – अधिक जानें- वेब को जानने के लिए उपयोगी संसाधनों की छोटी सी सूची तैयार की है –https://www.google.com/intl/hi/safetycenter/resources/


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